भारत के बड़े शहरों में वाहनों का बोलबाला
मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद और चेन्नई भारत के वे पांच शहर हैं जहां न सिर्फ जनसंख्या सबसे अधिक है, बल्कि अर्थव्यवस्था की दृष्टि से भी ये शीर्ष पर हैं। यहां की तेजी से बढ़ती आबादी और बढ़ते जीवनस्तर के कारण वाहनों की संख्या में भी तेजी से उछाल आया है।
खासकर पिछले दो दशकों में शहरीकरण की रफ्तार ने नए इलाकों को जोड़ा और लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता बढ़ाई। दिल्ली में तो लगभग हर परिवार के पास कम से कम एक वाहन है, चाहे वो बाइक हो या कार। बेंगलुरु भी ट्रैफिक जाम के लिए प्रसिद्ध हो चुका है, जहां कारों की संख्या सड़कों की क्षमता से कहीं ज्यादा है।
इसी तरह, मुंबई के घने इलाकों में रोजाना लाखों वाहन सड़कों पर दौड़ते हैं। अहमदाबाद और चेन्नई भी पीछे नहीं हैं — यहां भी निजी वाहनों के घनत्व में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ये शहर न केवल आर्थिक रूप से सक्रिय हैं
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।