भारत में अंग्रेजों का आगमन

1599 ईसवी में जान मिल्डेन हाल नामक पहला अंग्रेज भारत आया था। यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षण था, जो भारत और ब्रिटेन के बीच सदियों तक चलने वाले संबंधों की शुरुआत थी। वह समुद्री मार्ग से भारत पहुँचा, जो उस समय के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी।

इसके बाद, 31 दिसंबर 1600 को इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत के साथ व्यापार करने का अधिकार देने वाला एक अधिकार पत्र (चार्टर) प्रदान किया। इस कंपनी को समुद्री मार्ग से भारत से व्यापार करने का अनुमति पत्र मिला, जबकि स्थल मार्ग से लीवेंट कंपनी को व्यापार का अधिकार था।

ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में मसालों, कपास, रेशम और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के व्यापार की शुरुआत की। धीरे-धीरे यह सिर्फ व्यापार से आगे बढ़कर राजनीतिक ताकत बन गई। शुरुआत में व्यापारिक हितों के लिए आए अंग्रेज आगे चलकर भारत पर लगभग 200 साल तक शासन करने वाले थे।

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