भारत का कुल विदेशी कर्ज: एक नजर में

31 मार्च, 2022 तक भारत का कुल विदेशी कर्ज 620.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के अंत यानी मार्च 2021 की तुलना में काफी अधिक है। मार्च 2021 तक यह कर्ज 573.7 बिलियन डॉलर था। इसका मतलब है कि सिर्फ एक साल में भारत के विदेशी कर्ज में लगभग 8.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

इस वृद्धि की वजहें कई हैं। आर्थिक सुस्ती, कोविड-19 के बाद आर्थिक सहायता योजनाएं, और बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के चलते भारत को विदेशी स्रोतों से अधिक धन उधार लेने की आवश्यकता पड़ी। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी ने भी कर्ज के बोझ को बढ़ाया है।

हालांकि, भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मुकाबले विदेशी कर्ज का स्तर अभी भी अन्य विकासशील देशों की तुलना में काफी कम है। फिर भी, यह बढ़ोतरी चिंता का विषय है, क्योंकि लंबे समय तक ऐसी प्रवृत्ति जारी

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