गरीबी की सीमा कैसे तय हुई?
गरीबी की खोज किसी एक व्यक्ति ने नहीं की, लेकिन आधुनिक समय में गरीबी को मापने का श्रेय जाता है अमेरिका की अर्थशास्त्री मोली ओरशांस्की को। 1960 के दशक के मध्य में, जब सरकारें गरीबी पर ध्यान देने लगीं, तो उन्होंने एक सामान्य सूत्र बनाया। यह सूत्र आज भी कई देशों के लिए प्रेरणा है।
ओरशांस्की के अनुसार, एक परिवार का सबसे बड़ा खर्च भोजन पर होता है। उन्होंने एक न्यूनतम भोजन आहार की लागत की गणना की और फिर उसे तीन से गुणा कर दिया। इसका आधार यह था कि एक परिवार अपने कुल खर्च का लगभग एक तिहाई हिस्सा भोजन पर खर्च करता है। इस तरह, भोजन के खर्च के तिगुने को गरीबी रेखा के रूप में लिया गया।
यह तरीका सरल था, लेकिन प्रभावी। सरकारों को एक स्पष्ट मापदंड मिल गया कि कौन गरीब है और कौन नहीं। हालांकि, आज के समय में जीवनशैली और खर्च बदल चुके हैं — घर किराए, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के खर्च बहुत बढ़ गए हैं। फिर भी, ओरशां
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