भारत और रूस के बीच रक्षा सौदा: S-400 मिसाइल प्रणाली

भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस से 5 अरब डॉलर के बड़े रक्षा सौदे पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत पांच S-400 वायु रक्षा मिसाइल सिस्टम खरीदे गए। यह सौदा ऐसे समय में हुआ जब अमेरिकी ट्रम्प प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि इस प्रकार के अनुबंध से अमेरिका का CAATSA (काउंटरिंग एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट) कानून लागू हो सकता है, जिसके तहत भारत पर प्रतिबंध लग सकते हैं।

लेकिन भारत ने अपनी रणनीतिक आत्मनिर्भरता और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस सौदे को आगे बढ़ाया। रूस दशकों से भारत का प्रमुख रक्षा भागीदार रहा है, और जैसा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल में कहा, पश्चिमी देशों ने लंबे समय तक भारत को हथियार नहीं बेचे। इस स्थिति में रूस ने भारतीय सेना की आधारभूत आपूर्ति में अहम भूमिका निभाई है।

S-400 एक उन्नत लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली है, जो विभिन्न प्रकार के विमानों, मिसाइलों

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