भूत बनने से बेहतर है सच कहना

क्या आपने कभी किसी को अचानक गायब होते देखा है? एक दिन सब ठीक है, और अगले दिन... कोई जवाब नहीं, कोई संदेश नही criminal, बस खामोशी। इसे कहते हैं “भूतना” – किसी रिश्ते या बातचीत से बिना कुछ कहे गायब हो जाना।

लेकिन क्या यही सही तरीका है? शायद नहीं। हां, यह संभव है कि जब आप किसी को सच बताएंगे, तो उसे दर्द हो सकता है। वह गुस्सा हो सकता है, या निराश हो सकता है। लेकिन चुपके से गायब होने से कहीं बेहतर है समझाना

एक साफ स्पष्टीकरण देना मतलब है आदर दिखाना। आप कह रहे हैं, "मैं आपके समय और भावनाओं का सम्मान करता हूँ।" इससे दूसरे व्यक्ति को बंद करने का मौका मिलता है, सवाल पूछने का, और आगे बढ़ने का।

भूतना आसान लग सकता है, लेकिन यह अक्सर छोटे दर्द को लंबे घाव में बदल देता है। लोग खुद पर सवाल करते रह जाते हैं – "क्या मैं गलत था? क्या मैं काफी अच्छा नहीं था?"

इंसान होने का मतलब है कभी-कभी टूटना, और कभी-कभी टूटाना।

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