मरणोपरांत आंख कितनी देर तक जीवित रहती है?

कई लोगों को यह जानकर हैरानी होती है कि इंसान के मर जाने के बाद भी उसकी आंख का कुछ हिस्सा कुछ समय तक जीवित रहता है। खास तौर पर, आंख का कॉर्निया (आंख के सामने का पारदर्शी लेंस) मृत्यु के बाद लगभग 6 घंटे तक जीवित रह सकता है।

इसका मुख्य कारण यह है कि कॉर्निया खून की आपूर्ति पर निर्भर नहीं होता। बल्कि यह ऑक्सीजन को आंख के तरल पदार्थ से सीधे लेता है। इसलिए, शरीर के अन्य अंगों के मुकाबले यह लंबे समय तक सक्रिय रह सकता है।

इसी सुविधा के कारण आंख का दान एक सफल तरीके से किया जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति मृत्यु के बाद आंख दान करना चाहता है, तो उसकी आंखों को मृत्यु के 6 घंटे के भीतर ही निकाल लिया जाता है ताकि कॉर्निया की गुणवत्ता बरकरार रहे और दृष्टिहीन व्यक्ति को नई जिंदगी दी जा सके।

हर साल हजारों लोग कॉर्निया प्रत्यारोपण से अपनी आंखों की रोशनी वापस पाते हैं। इसलिए, आंख दान करना एक ऐसा कदम है

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