अगला जन्म कैसे तय होता है?
हिंदू धर्म में कर्म का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस जीवन में जो भी काम हम करते है, वही हमारे अगले जन्म का आधार बनते हैं। गरुड़ पुराण जैसे धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि मनुष्य की मृत्यु के बाद उसके सभी कर्म उसके साथ जाते हैं। ये कर्म ही तय करते हैं कि व्यक्ति को अगला जन्म कैसा मिलेगा।
अच्छे कर्मों के फलस्वरूप इंसान को फिर से मनुष्य योनि मिल सकती है या फिर ऊंचे लोकों में जगह मिलती है। लेकिन बुरे कर्मों के कारण निचले जीव-जंतुओं की योनि में भी जन्म लेना पड़ सकता है। यह प्रक्रिया भगवान के हाथ में नहीं, बल्कि हमारे स्वयं के कर्मों पर निर्भर करती है।
इसलिए धर्मग्रंथों में सदैव अच्छे कर्म करने, सच्चाई बोलने और दूसरों के प्रति दयाभाव रखने की सीख दी गई है। जीवन को सही ढंग से जीना, अहिंसा और संयम में रहना ही अगले जन्म के लिए बेहतर आधार बनाता है।
मनुष्य जीवन एक बहुत बड़ा अवसर है। इसे समझकर जीना चाहिए, क्योंकि हर क
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।