भारत और रूस के बीच हथियारों का संबंध
लंबे समय तक, भारत ने अपनी सेना को रूस से हथियारों की आपूर्ति पर निर्भर रखा है। स्टिम्सन सेंटर के शोधकर्ताओं के अनुसार, भारत के प्रमुख हथियारों में से लगभग 85% का मूल रूस में है। यह आंकड़ा दशकों तक चले सैन्य सहयोग का परिणाम है।
भारत ने सोवियत काल से ही रूस के साथ रक्षा सौदों में मजबूती बनाई। सु-30 लड़ाकू विमान, टी-90 टैंक और एक्सो-हॉक मिसाइल सिस्टम जैसे प्रमुख उपकरण रूसी मूल के हैं। इस गहरे तकनीकी संबंध के कारण, भारतीय सेना की अधिकांश प्रणालियां रूसी तकनीक पर आधारित हैं।
हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपने रक्षा आयात में विविधता लाने की कोशिश की है। अमेरिका, फ्रांस और इजराइल जैसे देशों से भी अब हथियार खरीदे जा रहे हैं। फिर भी, रूसी हथियारों के रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और प्रशिक्षण की आवश्यकता भारत को रूस के करीब रखती है।
आजादी के बाद की नीति, तकनीकी अनुकूलता और लागत के कारण र
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