कुंडली में आयु कैसे जानें?
ज्योतिष शास्त्र में किसी व्यक्ति की आयु का आकलन करने के लिए जन्म कुंडली के कुछ विशेष भावों पर गहरी नजर रखी जाती है। मुख्य रूप से आठवां भाव आयु का प्रमुख सूचक माना जाता है। यह भाव न केवल दीर्घायु या अल्पायु के बारे में संकेत देता है, बल्कि जीवन में आने वाली चुनौतियों और संकटों के बारे में भी बताता है।
इसके अलावा, तीसरा और दसवां भाव भी आयु के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तीसरा भाव ऊर्जा, साहस और जीवन सामर्थ्य से जुड़ा होता है, जबकि दसवां भाव कर्म और जीवन की स्थिरता को दर्शाता है। इन तीनों भावों के संयोजन और उन पर ग्रहों की दृष्टि से ही ज्योतिषी आयु का आकलन करते हैं।
इसके साथ ही, शनि ग्रह को आयु का मुख्य कारक माना जाता है। शनि की स्थिति, बल-क्षीणता और दशा के आधार पर भी यह तय किया जाता है कि व्यक्ति का जीवन लंबा होगा या नहीं। शनि मंद गति से चलने वाला ग्रह है और इसका प्रभाव लंबे स
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