उम्र के साथ पुरुष ज्यादा खुश क्यों होते जाते हैं?
एक आम धारणा है कि उम्र बढ़ने के साथ पुरुष चिड़चिड़े, मतलबी और व्यंग्यात्मक होते जाते हैं। लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। वास्तव में, उम्र के साथ पुरुष न सिर्फ परिपक्व होते हैं बल्कि खुश भी होते जाते हैं।
हार्वर्ड के दशकों पुराने अध्ययन – The Study of Adult Development – के अनुसंधान में यह बात साफ हुई है। यह वयस्क जीवन पर अब तक का सबसे लंबा अनुदैर्ध्य अध्ययन है, जिसमें सैकड़ों पुरुषों के जीवन का 70 से ज्यादा साल तक अध्ययन किया गया। नतीजा क्या था? जैसे-जैसे ये पुरुष बड़े हुए, वे ज्यादा शांत, संतुष्ट और खुश होते गए।
उम्र बढ़ने के साथ जिम्मेदारियों का बोझ कम होने लगता है, बच्चे बड़े हो जाते हैं, कैरियर स्थिर हो जाता है, और खुद को समझने की क्षमता बढ़ जाती है। ये सब मिलकर एक गहरी आंतरिक खुशी का अहसास कराते हैं।
इसलिए अगली बार जब कोई कहे कि बुढ़ापा उदासी और नाराज़गी का दौर होता है, तो याद रखें – विज
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