भारत की स्वतंत्रता और रानी एलिजाबेथ द्वितीय
भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिल गई थी। उस समय ब्रिटेन की रानी एलिजाबेथ द्वितीय अभी तक सिंहासन पर नहीं बैठी थीं। वास्तव में, भारत के स्वतंत्र होने के पांच साल बाद, 6 फरवरी 1952 को, उनके पिता किंग जॉर्ज छठे के निधन के बाद एलिजाबेथ ने ब्रिटिश सिंहासन संभाला।
इस तरह, जब भारत आजाद हुआ, तो ब्रिटेन के राजा जॉर्ज छठे थे। रानी एलिजाबेथ द्वितीय का कार्यकाल 1952 से लेकर 2022 में उनके निधन तक रहा, जो ब्रिटिश इतिहास का सबसे लंबा साम्राज्यकाल साबित हुआ। इस दौरान उन्होंने भारत के साथ तथाकथित 'साझा इतिहास' को संभाला, हालाँकि भारत तब तक एक स्वतंत्र गणराज्य बन चुका था।
भारत और ब्रिटेन के संबंधों में एलिजाबेथ की भूमिका कई बार चर्चा का विषय रही। उन्होंने 1961, 1983 और 1997 में भारत की आधिकारिक यात्राएँ कीं, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। ये यात्राएँ न केवल राजकीय थीं, बल्कि इतिहास के
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