भगवान का पता क्या है?
भगवान का पता कोई साधारण सवाल नहीं है। अगर भगवान का कोई शरीर होता, तो शायद उनका कोई ठिकाना भी होता—कोई घर, कोई पता, जैसे परमधाम या गोलकधाम। लेकिन सच तो यह है कि वह किसी एक जगह नहीं, बल्कि हर जगह मौजूद हैं।
कल्पना कीजिए, जैसे दूध में मक्खन छिपा रहता है और उसके हर कण में मौजूद होता है, ठीक उसी तरह भगवान ब्रह्मांड के हर कण में विराजमान हैं। पहाड़ हो या सागर, आसमान हो या धरती—कहीं भी ऐसी कोई जगह नहीं है जहां वह नहीं हैं।
इसलिए जब कोई पूछे कि भगवान कहाँ रहते हैं, तो जवाब नहीं मिलेगा कोई सड़क या नगर का नाम। क्योंकि वह न तो किसी घर में कैद हैं और न ही किसी नक्शे पर दिखाई देते हैं। वह तो तब भी साथ हैं जब आप अकेले लग रहे हों।
भगवान का पता ढूँढ़ना बंद कर दीजिए। बस अपने दिल को थोड़ा शांत करिए—वहीं आपको वह मिल जाएंगे।
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