सेना में प्रशिक्षण: 19 महीने का कठिन सफर

सेना में भर्ती होना सिर्फ एक नौकरी चुनना नहीं, बल्कि जीवन भर की वचनबद्धता है। कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर आर्मी की ट्रेनिंग कितने दिन की होती है। जवाब है – लगभग 19 महीने तक चलने वाली कठिन और अनुशासित प्रशिक्षण यात्रा।

जब कोई युवा सेना में चयनित होता है, तो उसे सिर्फ भर्ती नहीं कर लिया जाता। पहले उसे कई मानकों पर खरा उतरना होता है – शारीरिक, मानसिक और नैतिक। इसके बाद उसे रेजीमेंटल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है।

यहां शुरू होता है एक नया जीवन। दिन की शुरुआत सुबह 5 बजे होती है और रात 10 बजे तक प्रशिक्षण चलता रहता है। सप्ताह के सातों दिन। यह कोई सामान्य प्रशिक्षण नहीं होता – यह एक ऐसी यात्रा है जो न सिर्फ शरीर को मजबूत बनाती है, बल्कि चरित्र को भी ढालती है।

इन 19 महीनों में नौसेना या वायुसेना नहीं, बल्कि थलसेना के जवानों को लड़ाई, नेतृत्व, अनुशासन और टीमवर्क सिखाया जाता है। यह समय

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