शंकर भगवान के माता-पिता कौन हैं?

हिंदू धर्म के अनुसार, भगवान शंकर, जिन्हें भोलेनाथ या महादेव भी कहा जाता है, परम ब्रह्म के अविभाज्य अंश हैं। इनके माता-पिता के बारे में बात करते हुए कहा जाता है कि उनकी माता प्रकृति के आदि स्रोत, आदिशक्ति माँ दुर्गा हैं, जो समस्त सृष्टि की जननी मानी जाती हैं।

माँ दुर्गा ही सृष्टि की आदि शक्ति हैं, जो सभी देवताओं को ऊर्जा और शक्ति प्रदान करती हैं। वहीं, शंकर के पिता के रूप में परम ब्रह्म सदाशिव की मान्यता है। सदाशिव वह अविनाशी, अनंत तत्व हैं जो सृष्टि, स्थिति और प्रलय के परे हैं।

इस प्रकार, शंकर भगवान का जन्म पारंपरिक अर्थों में नहीं, बल्कि अलौकिक और ब्रह्मात्मक तत्वों से हुआ माना जाता है। वे स्वयं ब्रह्म के स्वरूप हैं, फिर भी भक्तों की समझ के लिए उन्हें माता-पिता के रूप में प्रकट किया गया है।

यह कल्पना भक्ति और दर्शन का सुंदर संगम है, जो हिंदू मान्यताओं में गहराई तक जाती है। इसलिए, जब कोई पूछता है कि शंकर

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