बलराम और उनकी पत्नी रेवती

बलराम, भगवान कृष्ण के बड़े भाई, हिंदू धर्मग्रंथों में एक महान योद्धा और दिव्य व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं। वे हल और गदा के स्वामी थे और अपनी शक्ति के लिए प्रसिद्ध थे। कई लोग मानते हैं कि उनकी कई पत्नियां थीं, लेकिन पुराणों और श्रीमद्भागवत में केवल एक ही पत्नी का उल्लेख मिलता है—रेवती

रेवती, शूरसेन की राजकुमारी थीं। वे बलराम की एकमात्र वैवाहिक पत्नी थीं और उनके दो पुत्र थे—भुतद्विज और निषंगी। बलराम का बचपन मथुरा और गोकुल में बीता। उनके पिता का नाम वसुदेव था और माता रोहिणी थीं। वे कृष्ण के सौतेले भाई और सुभद्रा के भाई थे।

बलराम की छवि अक्सर शांत, धीर और धर्मात्मा योद्धा के रूप में उभरती है। वे न केवल बलवान थे, बल्कि नैतिकता और आदर्शों पर भी डटे रहते थे। महाभारत के युद्ध में भी वे लड़े नहीं, बल्कि तटस्थ रहे, जो उनके संयम को दर्शाता है।

अतः, भले ही कुछ स्थानीय कथाओं में

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