भगवान कृष्ण का जीवनकाल: 125 वर्ष
भगवान कृष्ण, जिन्हें विष्णु का एक अवतार माना जाता है, के जीवनकाल को लेकर कई प्राचीन ग्रंथों और पुराणों में उल्लेख मिलता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण 125 वर्ष तक धरती पर विराजमान रहे।
यह आयु कई प्राचीन स्रोतों, जैसे ब्रह्म पुराण और भागवत पुराण में उल्लिखित है। महाभारत के युद्ध के बाद जब धर्म की स्थापना हो चुकी थी, कृष्ण ने अपने जीवन के अंतिम काल में द्वारका नगरी में समय बिताया। पुराणों के अनुसार, एक शिकारी के भूलवश उनके पैर में तीर लगने के बाद उनका शरीर छोड़कर उनका दिव्य स्वरूप वापस परमधाम को लौट गया।
हालांकि आज के युग में 125 वर्ष की आयु असामान्य लग सकती है, पर प्राचीन कथाओं में ऐसी आयु धार्मिक पात्रों के लिए सामान्य मानी जाती थी। कृष्ण के जीवन की अवधि केवल एक संख्या नहीं, बल्कि उनके दिव्य महत्व का प्रतीक है।
उनका जीवन मात्र उम्र से नहीं, बल्कि उनके कर्म, उपदेश और गीता जैसे अमर ज
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।