सत्यभामा: कृष्ण की अग्रणी पत्नी
सत्यभामा कृष्ण की चार प्रमुख पत्नियों में से एक थीं। वह सत्राजित की पुत्री थीं, जो भगवान सूर्य के प्रिय थे। सूर्य ने सत्राजित को स्यमंतक मणि दी थी, जो बेहद चमकदार और अद्भुत गुणों वाली थी। इस मणि के कारण ही कृष्ण और जरत्कारु के बीच भी एक बार तनाव आया था।
लेकिन जब सत्राजित की हत्या शतधन्वा ने की और मणि ले ली, तो कृष्ण ने शतधन्वा का वध कर उस मणि को वापस लाये। इसके बाद वह मणि अक्रूर के पास पहुँची, लेकिन अंततः वह सत्यभामा के अधिकार में आ गई।
सत्यभामा न केवल सौंदर्य और धैर्य में अद्वितीय थीं, बल्कि उनके हृदय में कृष्ण के प्रति गहरा प्रेम था। उनके और कृष्ण के दस पुत्र हुए, जिनमें भानु, सुभानु, स्वरभानु प्रमुख थे।
प्राचीन कथाओं में सत्यभामा को नारी शक्ति और भक्ति का प्रतीक माना गया है। कहते हैं, एक बार उन्होंने इंद्रलोक पर विजय पाने के लिए कृष्ण से सहायता माँगी थी, जिसके बाद दोनों ने मिलकर इंद्र की पराजय की
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