राधा और कृष्ण का प्रेम: भक्ति की अमर गाथा

राधा और कृष्ण का प्रेम भक्ति का ऐसा उदाहरण है, जो समय से परे है। पद्म पुराण के अनुसार, राधा वृषभानु की पुत्री थीं, जो बरसाना के एक साधारण गोपकुल में जन्मीं। उनका बचपन कृष्ण के साथ वृंदावन के घाटों, यमुना के किनारे और बरसाना की हरियाली में बीता।

ब्रह्मवैवर्त पुराण कहता है कि राधा कृष्ण की सखियाँ थीं, उनकी आत्मीय मित्र थीं। उनका प्रेम इतना गहरा था कि धर्म, समाज या विवाह जैसे बंधन उसे छू भी नहीं सके। कुछ ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि राधा का विवाह रायाण या अयनघोष नामक व्यक्ति से हुआ था, लेकिन उनका हृदय सदा कृष्ण के लिए धड़कता रहा।

कुछ विद्वानों का मानना है कि राधा का जन्म यमुना के किनारे स्थित रावल ग्राम में हुआ था। बाद में उनके परिवार ने बरसाना में निवास किया। वहाँ उनकी मुलाकात कृष्ण से हुई और फिर जीवन भर के लिए दोनों के नाम एक दूसरे के साथ जुड़ गए।

राधा का प्रेम केवल एक संबंध नहीं, भक्ति की पर

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