राधा को सुदामा ने क्यों दिया था श्राप?

प्राचीन कथाओं में एक अनसुनी घटना छिपी है, जो श्रीकृष्ण, राधा और सुदामा से जुड़ी है। कहा जाता है कि गोलोक में एक दिन राधा की अनुपस्थिति में कृष्ण विरजा नामक एक गोपिका के साथ विहार कर रहे थे। तभी अचानक राधा वहां पहुंच गईं और कृष्ण तथा विरजा को उस स्थिति में देखकर आहत हुईं। गुस्से में आकर राधा ने विरजा को श्राप दे दिया कि वह धरती पर जन्मकर दरिद्र ब्राह्मण के रूप में दुख भोगेगी।

यही विरजा धरती पर जन्मकर सुदामा बनी। सुदामा, जो कृष्ण के सच्चे मित्र थे, अत्यंत गरीबी में जी रहे थे। लेकिन क्या आप जानते हैं? इस श्राप के पीछे एक गहरा भावनात्मक तूफान छिपा था। राधा का प्रेम इतना तीव्र था कि उन्होंने कृष्ण के प्रति अन्य गोपिकाओं के प्रेम को कभी स्वीकार नहीं किया। उस दिन का दृश्य उनके लिए असहनीय था।

और फिर वक्रता यह है कि जिस सुदामा ने राधा को श्राप दिया, वह खुद उस श्राप का हिस्सा बन गई। कहानी याद दिलाती है कि

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