अंग्रेजों से पहले भारत किसका गुलाम था?

अक्सर लोग सोचते हैं कि भारत का गुलामी का दौर अंग्रेजों के साथ शुरू हुआ, लेकिन सच थोड़ा अलग है। ईस्ट इंडिया कंपनी के आधिकारिक गठन से पहले भी भारत पर विदेशी ताकतों का दबदबा था। वास्तव में, 16वीं शताब्दी के आखिर में ही पुर्तगालियों ने गोवा पर कब्जा कर अपने व्यापारिक नियंत्रण की नींव डाल दी थी। वे समुद्री मार्गों पर अपना अधिकार जमाने में सफल हो गए थे।

इसके बाद फ्रांसीसी और डच भी भारतीय तटों पर पहुंचे। ये तीनों राष्ट्र—पुर्तगाल, फ्रांस और डच—अपने व्यापारिक हितों के लिए भारत में कारखाने स्थापित कर चुके थे। वे मुख्य रूप से मसालों, रेशम और सूती वस्त्रों के व्यापार में लगे थे। 1600 में जब ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को व्यापार की अनुमति मिली, तब तक भारत पर पूर्ण गुलामी नहीं, लेकिन विदेशी नियंत्रण पहले से मौजूद था

इसलिए, अंग्रेजों से पहले भी भारत तकनीकी रूप से "आजाद" नहीं था। विदेशी शक्तियां धीरे-धीरे अ

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