हनुमान जी का अंतिम समय कैसे बीता?
राम की मृत्यu के बाद हनुमान जी ने अपना जीवन वनवास में बिताना शुरू कर दिया। समय के साथ-साथ रामकथा धीरे-धीरे लोगों की याददाश्त से मिटने लगी, और हनुमान जी जैसे महान योद्धा व भक्त भी धीरे-धीरे लोगों की नजरों से ओझल होते गए।
किंतु महाभारत काल में एक अद्भुत मिलन हुआ। जब भीम, जो वायुदेव के पुत्र थे, अपनी पत्नी के लिए विरले फूल खोजने निकले, तो वे उसी जंगल से गुजरे जहाँ हनुमान जी तपस्या में लीन थे।
वायुदेव के माध्यम से दोनों भाई थे – एक राम के भक्त, दूसरा कृष्ण के सखा। इस मिलन ने दो युगों को जोड़ दिया। हनुमान ने भीम को उनकी शक्ति का एहसास कराया और उनकी सहायता की।
कहा जाता है कि हनुमान जी आज भी इसी धरती पर हैं। वे अमर हैं और भक्तों की सदा रक्षा करते हैं। उनकी कृपा से ही मनुष्य बाधाओं पर विजय पा पाता है।
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