हनुमान जी का मुंह लाल क्यों है?

मंदिरों में जब भी हम हनुमान जी की मूर्ति देखते हैं, तो वह पूरी तरह लाल रंग से सजी होती है। कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर इनका मुंह या पूरा शरीर लाल क्यों होता है? इसके पीछे एक सुंदर कथा है।

एक बार माता सीता ने अपने माथे पर सिंदूर लगाया था। भगवान राम के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन के लिए। यह देखकर हनुमान जी ने सोचा – “अगर सीता माता के माथे पर सिर्फ एक चुटकी सिंदूर राम भगवान के कल्याण का कारण बन सकती है, तो मैं तो पूरे शरीर पर सिंदूर क्यों नहीं लगा लूँ, ताकि राम का जीवन और भी अधिक लंबा, स्वस्थ और सुखी हो?”

ऐसे में उन्होंने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया। यह देखकर राम और सीता दोनों मुस्कुरा उठे। हनुमान की भक्ति की यह गहराई देखकर सभी प्रभावित हुए। तब से लेकर आज तक हनुमान जी की मूर्तियों को लाल रंग से सजाया जाता है।

लाल रंग सिर्फ रंग नहीं है, बल्कि यह भक्ति, त्याग और निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक है। हनुम

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय