यीशु कौन थे और वे किस धर्म के थे?

यीशु एक यहूदी थे – यह सच्चाई है जिसे इतिहास और धर्मग्रंथ दोनों स्वीकार करते हैं। वे गलील के क्षेत्र में पैदा हुए, जो उस समय यहूदी संस्कृति और धर्म का केंद्र था। उनकी माँ मरियम भी एक यहूदी महिला थीं, और परिवार के रूप में वे यहूदी परंपरा का पालन करते थे।

यीशु ने अपने जीवन के हर पल को यहूदी तरीके से जिया। वे नियमित रूप से सिनेगॉग (यहूदी प्रार्थना स्थल) में जाते थे, टोरा (यहूदी धर्मग्रंथ) के नियमों का पालन करते थे और यहूदी त्योहारों को मनाते थे। उनके सभी शिष्य और सहयोगी भी यहूदी थे। वे यहूदी समाज के ही हिस्सा थे, न कि उसके बाहर कोई नया धर्म लेकर आने वाले व्यक्ति।

वास्तव में, यीशु ने कभी भी ईसाई धर्म की नींव नहीं डाली। वह यहूदी धर्म में ही जन्मे, वहीं जिए और वहीं मरे। बाद में, उनके शिष्यों और उनके अनुयायियों द्वारा उनकी शिक्षाओं को लेकर एक नया धार्मिक पथ विकसित किया गया, जो आज हम

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