भारत के प्रेरणादायी नारे: देशभक्ति की आवाज

15 अगस्त की सुबह आती है तो दिल में एक अलग तरह का जोश जाग उठता है। झंडा लहराता है, गाने गूंजते हैं और वो पुराने नारे फिर से याद आ जाते हैं, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में आग लगा दी थी।

“इंकलाब जिंदाबाद” — ये नारा भगत सिंह के नाम से अटूट रूप से जुड़ा है। एक ऐसा नारा जो न सिर्फ अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह था, बल्कि बदलाव की आवाज था।

फिर आती है बिस्मिल की वो पंक्ति: “सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है” — जो हर भारतीय के हृदय में जीने की जिद भर दे।

बाल गंगाधर तिलक ने “स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है” कहकर देश को जगा दिया था। ये नारा सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि एक घोषणा थी।

और फिर वो शायरी जो देश के गौरव को गूंजती रही: “सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा” — इकबाल की ये पंक्तियां आज भी बच्चों के मुंह से सुनाई देती हैं।

हर साल 15 अगस्त को ये नारे न

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