भीम की मृत्यु: एक महाकाव्य सत्य
भीम की मृत्यु के बारे में प्रश्न उठना स्वाभाविक है, लेकिन महाभारत के अनुसार, भीम की मृत्यु विष प्रयोग या नदी में फेंके जाने से नहीं हुई। ऐसे प्रयास निश्चिय ही हुए थे—दुर्योधन और उनके चाचा शकुनि ने भीम को मारने के लिए विष मिले भोजन का प्रयोग किया था और उन्हें नदी में फेंक भी दिया गया था। लेकिन भीम की अद्भुत शक्ति और देवी विन्ध्यवासिनी की कृपा से वे बच निकले।
वास्तव में, भीम युद्धकाल में नहीं मरे। महाभारत के अंतिम पर्व, महाप्रस्थानिक पर्व के अनुसार, पांडवों और द्रौपदी ने आखिरी यात्रा शुरू की थी—हिमालय के रास्ते स्वर्ग की ओर। एक-एक कर सभी की मृत्यु हो गई। भीम भी इसी यात्रा में गिर पड़े। उनका अहंकार उनकी ताकत को लेकर था, जिसने उन्हें आखिरी तक नहीं चलने दिया।
हालांकि भीम का संबंध कौरवों से था, लेकिन वे हमेशा धर्म के पक्ष में खड़े रहे। उनकी वीरता, बल और भक्ति आज भी लोगों के बीच प्रेरणा बनी हुई है।
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