भारत के प्रमुख युद्ध टैंकों का वजन: सेना की ताकत का प्रतीक
भारतीय सेना की ताकत में से एक मुख्य हिस्सा हैं मुख्य युद्धक टैंक (MBT)। ये भूमि युद्ध में सबसे अधिक शक्तिशाली वाहनों में से एक माने जाते हैं। हाल ही में बढ़ते तनाव के मद्देनजर लद्दाख सीमा पर तैनात कई टैंकों के वजन ने चर्चा छेड़ दी है।
के-9 वज्र, जो कि एक स्वचालित हॉवित्जर वाहन है, लगभग 50 टन का है। यह भारत के साथ-साथ उच्च ऊंचाई वाले इलाकों में भी संचालन करने में सक्षम है। इसके मुकाबले, रूस में निर्मित टी-90 टैंक का वजन 48 टन है, जबकि पुराने टी-72 का वजन 46 टन है।
ये सभी टैंक 125 मिमी की मुख्य बंदूक से लैस हैं और आधुनिक युद्ध की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं। टी-90 और टी-72 की तुलना में के-9 वज्र थोड़ा भारी होने के बावजूद, इसकी गतिशीलता और अग्नि शक्ति सीमा पर भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण है।
यह वजन सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि रणनीति, स्थान और प्रतिक्र
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