लोको पायलट किस ग्रुप में आते हैं और कैसे बनते हैं?
भारतीय रेलवे में लोको पायलट यानी ट्रेन ड्राइवर का पद बेहद जिम्मेदारी भरा होता है। लाखों यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन को समय पर उसकी मंजिल तक पहुंचाने का पूरा जिम्मा इन्हीं के कंधों पर रहता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि लोको पायलट की भर्ती किस ग्रुप के तहत की जाती है।
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के नियमों के अनुसार, लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के पद को ग्रुप C (Group C) की श्रेणी में रखा गया है। यह पद 7वें वेतन आयोग के तहत पे लेवल-2 में आता है। सीधी भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थी को पहले असिस्टेंट लोको पायलट के रूप में चुना जाता है, जिसके बाद अनुभव और पदोन्नति के आधार पर वे मुख्य लोको पायलट बनते हैं।
इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास 10वीं पास के साथ-साथ संबंधित ट्रेड में ITI प्रमाणपत्र या इंजीनियरिंग में डिप्लोमा/डिग्री होना अनिवार्य है। भर्ती प्रक्रिया में कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षाएं (CBT 1 और CBT 2), एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT) और कड़ा मेडिकल फिटनेस टेस्ट शामिल होता है, जिसमें आंखों की रोशनी (A-1 मेडिकल स्टैंडर्ड) सबसे महत्वपूर्ण होती है।
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