मौत के बारे में विज्ञान क्या कहता है?

मौत के बारे में सोचते हुए अक्सर लोग धार्मिक या आध्यात्मिक विचारों में खो जाते है । लेकिन विज्ञान इसे थोड़ी अलग नजर से देखता है। विज्ञान के अनुसार, मृत्यु का मतलब है शरीर की सभी जैविक प्रक्रियाओं का स्थायी रूप से बंद हो जाना।

दिल का धड़कना बंद होना, मस्तिष्क का काम करना बंद कर देना, या फिर किडनी और लिवर जैसे महत्वपूर्ण अंगों का कार्य छोड़ देना — ये सभी मृत्यु के लक्षण हैं। जैसे ही ये अंग एक साथ काम करना बंद कर देते हैं, वैसे ही व्यक्ति की मृत्यु मान ली जाती है।

अब आधुनिक चिकित्सा के जरिए कई बार दिल की धड़कन या सांस को कुछ हद तक वापस लाया जा सकता है, लेकिन अगर मस्तिष्क की कोशिकाएं पूरी तरह नष्ट हो चुकी हों, तो फिर वह व्यक्ति जीवित नहीं रह सकता।

विज्ञान मौत को एक प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में देखता है। यह न तो डरावना है, न ही रहस्यमय। यह जीवन का ही एक हिस्सा है, जैसे जन्म है। हमारी

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