चोरी के मोबाइल का अंधेरगर्दी धंधा: 'दो नंबर' क्या है?
दो नंबर का धंधा शायद आज के समय का सबसे बढ़ता हुआ गैर-कानूनी व्यापार है। आम भाषा में इसे मोबाइल चोरी का काला धंधा भी कहा जा सकता है। आजकल लगभग हर सौवां व्यक्ति किसी न किसी तरह इस धंधे से जुड़ा हुआ है, चाहे जानकर या फिर अनजाने में।
दरअसल, छोटे-छोटे चोर जगह-जगह से मोबाइल चुराते हैं और उन्हें कम कीमत में बड़े धंधेबाजों को बेच देते हैं। ये धंधेबाज फिर उन फोन्स को रीफर्बिश करके दूसरे शहरों या राज्यों में बेच देते हैं। और वहाँ पर आम आदमी उन्हें नया या पुराना फोन समझकर खरीद लेता है।
सबसे खतरनाक बात यह है कि ये लोग इतने शातिर होते हैं कि आपको पता भी नहीं चलता कि आपने चोरी का फोन खरीद लिया। कभी IMEI नंबर बदल दिया जाता है, तो कभी फोन के डॉक्यूमेंट्स फर्जी बना दिए जाते हैं। और जैसे ही पुलिस पीछा करती है, तो निर्दोष खरीददार ही फंस जाता है।
इसलिए, किसी भी मोबाइल को खरीदते
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