राजस्थान का नाम क्यों पड़ा?
राजस्थान का नाम सुनते ही मन में राजमहल, ऊंटों के काफिले, धूप छाँव वाली गलियाँ और गूंगट ओढ़े राजपूत योद्धा की तस्वीर उभर आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस राज्य का नाम ही इसके गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है?
राजस्थान शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘राजा’ और ‘स्थान’। यानी, ‘राजाओं का स्थान’। यह धरती कई शौर्य और साहसिक राजपूत राजाओं की राजधानी रही है। इन राजाओं ने न सिर्फ अपनी जनता की रक्षा की, बल्कि इस भूमि की आन-बान-शान को भी बनाए रखा।
इतिहास के पन्नों में राजस्थान का नाम उन छोटे-छोटे रियासतों के रूप में आता है, जो अंग्रेजी शासन के दौरान स्वतंत्र रहीं। 1947 के बाद, जब देश के एकीकरण की प्रक्रिया चली, तो ये रियासतें एक साथ मिलकर एक नए राज्य के रूप में उभरीं। इस ऐतिहासिक कार्य के बाद इसे औपचारिक रूप से ‘राजस्थान’ नाम दिया गया।
आज राजस्थान सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की सांस्क
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