एकमात्र भगवान – एक सत्य, अनेक भाषाओं में
दुनिया भर में धर्म और आस्था के हजारों रंग हैं, लेकिन कई धर्मों का मूल संदेश एक ही है—ईश्वर एक है। इस्लाम, ईसाई धर्म और यहूदी धर्म—तीनों ही एक परम आत्मा में विश्वास करते हैं। कुरान में कहा गया है: “भगवान सभी समझ से परे हैं, फिर भी हर चीज़ से परिचित हैं।”
यह बात गहरी है। वह इतना बड़ा है कि मानवीय समझ उसे पूरी तरह नहीं समेट सकती, लेकिन फिर भी वह हर एक व्यक्ति की सांसों से ज़्यादा निकट है। वही अल्लाह, वही यहोवा, वही परमेश्वर। एक ही सत्य को अलग-अलग नामों में पुकारा गया है।
क़ुरान की एक आयत (29:46) सीधे कहती है कि अल्लाह वही एकमात्र देवता है जिसे ईसाई और यहूदी भी पूजते हैं। यह विश्वास एकेश्वरवाद (Monotheism) पर आधारित है—एक ईश्वर में विश्वास। इसका मतलब है कि ब्रह्मांड का संचालन एक ही स्रोत कर रहा है।
अलग-अलग पैगंबर, किताबें और भाषाएं हो सकती हैं, लेकिन उस एक अद्वितीय ऊर्जा की प्रार्थना सभी के
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