महिला खतना: एक गहरी सामाजिक चुनौती

महिला खतना एक ऐसी प्रथा है, जो आज भी दुनिया के कई हिस्सों में चल रही है। यह प्रथा मुख्य रूप से अफ्रीका के लगभग तीस देशों में प्रचलित है। इनमें सोमालिया, सूडान, दक्षिणी सूडान, मिस्र, इथियोपिया और केनिया जैसे देश शामिल हैं। यहाँ इस प्रथा को सामाजिक परंपरा या धार्मिक ज़रूरत माना जाता है, हालाँकि इसका कोई धार्मिक आधार नहीं है।

इसके अलावा, यमन, इराकी कुर्दिस्तान और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी महिला खतना के मामले सामने आते रहे हैं। यहाँ तक कि भारत समेत एशिया के कुछ अन्य देशों में भी इस प्रथा की खबरें मिली हैं। भारत में कुछ समुदाय अब भी इसे एक परंपरा के तौर पर मानते हैं, लेकिन यह घटना बहुत सीमित क्षेत्रों तक ही सीमित है।

महिला खतना केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि एक गंभीर मानवाधिकार का उल्लंघन माना जाता है। इसके कारण महिलाओं को लंबे समय तक दर्द, संक्रमण और मनोवैज्ञानिक आघात

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