भारत: धर्मनिरपेक्ष गणराज्य या धार्मिक राज्य?

हाल के दिनों में कुछ दावे सोशल मीडिया पर तेजी से फैले हैं कि भारत मुस्लिम राष्ट्र बन जाएगा या फिर इसके विपरीत, यहाँ हिंदू राष्ट्र लागू किया जाएगा। ऐसे दावे अक्सर भ्रामक होते हैं और सत्य से कोसों दूर होते हैं। वास्तव में, भारत एक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य है।

संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 तक सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देते हैं, चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई या किसी अन्य धर्म के हों। साथ ही, हर नागरिक को 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर वोट डालने का अधिकार है — धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता।

एक झूठी खबर 13 अगस्त, 2022 को वायरल हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि साधु-संत एक नया 'संविधान' तैयार कर रहे हैं जिसमें मुसलमानों को वोटिंग का अधिकार नहीं दिया जाएगा। यह दावा पूरी तरह गलत और निराधार है। भारत के मौजूदा संविधान में कोई ऐसा प्रावधान नहीं है

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