शनि दोष कैसे पता करें?

कई लोग जानना चाहते हैं कि उनकी कुंडली में शनि दोष है या नहीं। शनि दोष तब माना जाता है जब शनि ग्रह कुंडली के कुछ खास स्थानों में कमजोर या अशुभ स्थिति में हो।

अगर जातक की कुंडली में पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में शनि कमजोर है, तो यह शनि दोष बनाता है। ऐसे में व्यक्ति को जीवन में कई तरह की बाधाएं, देरी या निराशाएं महसूस हो सकती हैं। खासकर करियर, संपत्ति और संबंधों में तनाव आ सकता है।

एक अन्य स्थिति यह है कि अगर शनि कर्क, मेष, सिंह या वृश्चिक राशि के आठवें या बारहवें भाव में बैठा हो, तो यह भी शनि दोष के रूप में माना जाता है। इसके अलावा, अगर शनि इन भावों में वक्री (पीछे की ओर चलता हुआ) हो, तो दोष का प्रभाव और भी अधिक महसूस हो सकता है।

हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर दोष बुरा हो। कई बार शनि कठिनाइयां देकर व्यक्ति को मजबूत बनाता है। फिर भी, अगर आपको लगातार असफलता, नौकरी में दिक्कत या घरेल

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