2022 में भारतीय रुपया क्यों कमजोर हुआ?
भारतीय रुपया साल 2022 में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 10 प्रतिशत तक गिर गया। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर का दुनिया भर में तेजी से मजबूत होना था। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी की, जिससे डॉलर की वैश्विक मांग में भारी इजाफा हुआ।
इस दौरान रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष ने भी वैश्विक आर्थिक अनिश्चिता को बढ़ा दिया। ऐसे समय में निवेशक आमतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश में डॉलर जैसी मजबूत मुद्राओं की ओर रुख करते हैं। इसके चलते रुपये जैसी उभरती हुई बाजार वाली मुद्राओं पर दबाव बना।
भारत के लिए यह और भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि तेल की बढ़ी हुई कीमतों के कारण आयात बिल बढ़ गया, जिससे विदेशी मुद्रा के साथ संतुलन बनाना मुश्किल हो गया।
हालांकि, रिजर्व बैंक ने विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग कर रुपये को स्थिर रखने के लिए कई कदम उठाए
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