क्या लैब में उगाए गए हीरे असली होते हैं?

अक्सर लोग सोचते हैं कि लैब में उगाए गए हीरे नकली होते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। लैब में उगाए गए हीरे प्राकृतिक हीरों के बराबर होते है — चाहे रासायनिक संरचना हो, चमक हो या कठोरता।

इन हीरों को वैज्ञानिक परिस्थितियों में उगाया जाता है, जहां कार्बन को उच्च दबाव और तापमान में रखकर प्राकृतिक प्रक्रिया की नकल की जाती है। इसका परिणाम? एक हीरा जो खनन किए गए हीरे के बिल्कुल समान होता है।

इनकी चमक, जगमगाहट और आग (fire) में कोई अंतर नहीं होता। यहां तक कि एक्सपर्ट भी आमतौर पर आंखों से देखकर इनके बीच अंतर नहीं पहचान पाते।

हालांकि इनकी उत्पत्ति अलग है, लेकिन गुणों में कोई फर्क नहीं। लैब-ग्रोन हीरे प्राकृतिक हीरों जितने ही टिकाऊ और सुंदर होते हैं, बस इतना अंतर है कि वे पृथ्वी के गहराई में नहीं, बल्कि प्रयोगशाला में बनते हैं।

इसलिए अगली बार जब आप कोई हीरा खरीदें, तो याद रखें—लैब में उगाया

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