अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस: समर्पण और सेवा की प्रतीक

हर साल 12 मई को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन नर्सों के अथक परिश्रम, दया और समर्पण को सम्मान देने के लिए समर्पित है जो हमेशा मरीजों की सेवा में डटे रहते हैं।

इस दिवस की शुरुआत में एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है। अंतरराष्ट्रीय नर्स परिषद ने पहली बार वर्ष 1965 में इस दिन को मनाना शुरू किया था। हालांकि, यह तब स्थायी रूप से स्थापित हुआ जब 1974 में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उस वर्ष तय किया गया कि 12 मई, यानी फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्म दिन को हर साल अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

फ्लोरेंस नाइटिंगेल को आधुनिक नर्सिंग की जन्मदाता माना जाता है। क्रीमियन युद्ध के दौरान उनकी मानवता से भरी सेवाओं ने नर्सिंग को एक सम्मानजनक और ज़रूरी पेशे के रूप में स्थापित किया। आज भी उनकी विरासत उन लाखों नर्सों में जीवित है जो दिन-रात मरीजों की देखभाल करते

यह भी देखें

विस्तृत लेख

भारतीय पुलिस सेवा की पदानुक्रम व्यवस्था: सिपाही से लेकर डीजीपी तक के सभी पदों का संपूर्ण और गहन विश्लेषण

और पढ़ें →

बिना किसी सूचना या कॉल के पुलिस आपको कब तक हिरासत में रख सकती है? जानिए भारतीय कानून की बारीकियाँ

और पढ़ें →

सड़क पर दौड़ती साधारण गाड़ियाँ या कानून का गुप्त हथियार: पुलिस आखिर अचिह्नित कारों का इस्तेमाल क्यों करती है?

और पढ़ें →

सड़कों पर दौड़ती रहस्यमयी गाड़ियां: आखिर पुलिस विभाग क्यों करता है अचिह्नित यानी अनमार्क्ड कारों का चतुराई से इस्तेमाल?

और पढ़ें →

पुलिस को हिंदी में क्या कहते हैं? जानिए इस शब्द का अनसुना इतिहास और राजकीय रक्षक का असली अर्थ

और पढ़ें →

संबंधित विषय