भारत की पहली महिला डॉक्टर: आनंदीबाई जोशी

आनंदीबाई जोशी भारत की पहली महिला डॉक्टर थीं, जिन्होंने इतिहास रच दिया था। 31 मार्च 1865 को पुणे में जन्मी आनंदीबाई ने उस दौर में जब महिलाओं की शिक्षा पर सवाल उठते थे, न सिर्फ पढ़ाई की, बल्कि विदेश जाकर डॉक्टर की डिग्री भी हासिल की।

उनकी कहानी प्रेरणा का स्रोत है। सिर्फ नौ साल की उम्र में उनका विवाह गोपालराव जोशी से हो गया, जो उनसे लगभग 20 साल बड़े थे। लेकिन गोपालराव आगे चलकर उनकी शिक्षा के सबसे बड़े समर्थक बने। जब उनकी छोटी बेटी की मृत्यु हुई और उन्हें महसूस हुआ कि देश में महिला डॉक्टरों की कमी है, तो आनंदीबाई ने फैसला किया कि वह डॉक्टर बनेंगी।

1883 में, सिर्फ 18 साल की उम्र में, वह अमेरिका के फिलाडेल्फिया स्थित वेल्स मेडिकल कॉलेज फॉर वूमेन में दाखिला लेने पहुंचीं। भाषा, संस्कृति और मौसम की चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने 1886 में अपनी डिग्री प्राप्त की और भारत लौटकर महिलाओं और बच्

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय