राष्ट्रमाता मूलमती देवी: एक प्रेरणा की अमर धरोहर
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कई ऐसे नाम हैं जिन्होंने अपने त्याग और साहस से इतिहास रचा। इनमें से एक हैं मूलमती देवी—वह महान माता जिन्होंने क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल को जन्म दिया और उनके चरित्र को आकार दिया।
रामप्रसाद बिस्मिल ने अपनी माँ के प्रति गहरी आस्था व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था, "यदि मुझे ऐसी माता नहीं मिलती तो मैं भी अति साधारण मनुष्यों के भांति संसार चक्र में फंस कर जीवन निर्वाह करता।" ये शब्द न सिर्फ एक पुत्र की भावनाएँ हैं, बल्कि एक राष्ट्रीय चेतना की पुष्टि भी हैं।
मूलमती देवी ने अपने बेटे को सिर्फ प्रेम नहीं, बल्कि देशभक्ति, नैतिकता और स्वाभिमान का सबक सिखाया। जब बिस्मिल को फांसी की सजा सुनाई गई, तो उनकी माँ ने भी एक शब्द नहीं कहा—लेकिन आँखों में गरिमा और गर्व था। वह जानती थीं कि उनका बेटा देश के लिए कुछ कर जाने वाला है।
आज, जब हम राष्ट्रमाता की बात करते हैं, तो सि
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