महात्मा गांधी पर तीन गोलियां क्यों चलाई गईं?
30 जनवरी 1948 की शाम, दिल्ली के बिड़ला हाउस में जब महात्मा गांधी प्रार्थना कर रहे थे, तभी एक आदमी आगे बढ़ा और बिना किसी चेतावनी के उनके सीने पर तीन गोलियां दाग दीं। वह आदमी था नाथूराम गोडसे। वह एक M1934 बेरेटा पिस्तौल लेकर आया था और बिंदु-रिक्त दूरी से गांधी जी पर गोली चला दी।
क्या सिर्फ गोडसे था अकेला? हालांकि गोडसे ने खुद गोली चलाई, लेकिन अदालती कागजातों से पता चलता है कि यह साजिश सिर्फ एक आदमी की नहीं थी। उसके कुछ साथी भी थे, जिन्होंने इस हत्याकांड की योजना बनाई थी। गोडसे को मौत की सजा दी गई, लेकिन उसके विचार—कि गांधी देश के खिलाफ काम कर रहे थे—कई लोगों में उस वक्त मौजूद थे।
गांधी जी की मौत ने पूरे भारत को झकझोर दिया। वह केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि राष्ट्र के आत्मा थे। तीन गोलियां उनके शरीर में घुस गईं, लेकिन उनके विचार आज भी जिंदा हैं। हर साल 30 जनवरी को उनके ब
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