आजादी की लड़ाई में नेहरू का अमिट योगदान
आजादी की लड़ाई में कई नेताओं ने अपना योगदान दिया, लेकिन आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम उनमें सबसे आगे आता है। वह महात्मा गांधी के सबसे विश्वासपात्र सहयोगियों में से एक थे और हर कदम पर गांधी जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।
चाहे असहयोग आंदोलन हो, नमक सत्याग्रह हो या फिर 1942 में आए "भारत छोड़ो" आंदोलन — नेहरू हर जगह आगे-आगे रहे। उन्होंने न सिर्फ आंदोलनों में भाग लिया, बल्कि लाखों लोगों को जोश देने का काम भी किया। उनके भाषण ऐसे थे जो नौजवानों के दिलों में आग लगा देते थे।
नेहरू ने अपना जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया था। उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा, लेकिन इन सबके बावजूद वह हार नहीं माने। उनका सपना था कि एक दिन भारत आजाद होगा और वह सपना 15 अगस्त 1947 को सच हो गया।
आज जब हम आजाद हवा में सांस लेते हैं, तो नेहरू जैसे देशभक्तों को याद करना न भूलें।
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