महात्मा गांधी की लंदन यात्रा: एक ऐतिहासिक पड़ाव
महात्मा गांधी, जिनके नाम से हम आज सिर ऊँचा करते हैं, एक समय ऐसा था जब वे सिर्फ एक साधारण युवा थे, जो अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित थे। 1888 में, महज 19 साल की उम्र में, गांधी जी वकालत की पढ़ाई के लिए लंदन गए। यह यात्रा उनके जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई।
इससे पहले, 1883 में, सिर्फ 13 साल की उम्र में उनकी शादी कस्तूरबा से हो गई थी। यह उस समय की सामाजिक परंपरा का हिस्सा था। लेकिन गांधी ने अपनी शिक्षा को गंभीरता से लिया और ब्रिटेन जाने का फैसला किया, भले ही तब समाज में इस तरह के कदम को अजीब नजर से देखा जाता था।
लंदन में उन्होंने न सिर्फ कानून की पढ़ाई की, बल्कि वहाँ के सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण से भी बहुत कुछ सीखा। उन्होंने सादगी, सत्य और अहिंसा के मूल्यों को और मजबूत किया। यहीं से उनके विचारों को आकार मिलना शुरू हुआ, जो बाद में भारत की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका नि
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