महात्मा गांधी के प्रेरक नारे और उनका संदेश
"करो या मरो" और "भारत छोड़ो" जैसे नारे आज भी भारत की आज़ादी की लड़ाई की गूंज लाते हैं। महात्मा गांधी ने न केवल अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से स्वतंत्रता का मार्ग दिखाया, बल्कि ऐसे सरल, गहरे नारे दिए जो आज भी हमारे मन को छू जाते हैं।
गांधी जी का नारा "जहां प्रेम है, वहां जीवन है" सिर्फ एक सूत्र नहीं, बल्कि एक जीवन-दर्शन है। उन्होंने यह भी कहा था कि "किसी की मेहरबानी मांगना, अपनी आजादी बेचना है" — एक ऐसी चेतावनी जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी स्वतंत्रता के युग में थी।
गांधी जी के नारों में धर्म और नैतिकता की गहरी छाप थी। "भगवान का कोई धर्म नहीं है" कहकर उन्होंने सांप्रदायिकता के खिलाफ आवाज उठाई, जबकि "जहां पवित्रता है, वहीं निर्भयता है" कहकर आंतरिक शक्ति का महत्व बताया।
गांधी जयंती पर हम जब उनके नारों को याद करते हैं, तो सिर्फ इतिहास नहीं सुनते — हम एक अनुभ
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