राष्ट्रपिता महात्मा गांधी
भारत के इतिहास में महात्मा गांधी का नाम एक ऐसे दिव्य व्यक्तित्व के रूप में अमरित है, जिन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर न केवल एक राष्ट्र को आजादी दिलाई, बल्कि पूरी मानवता को एक नई दिशा दी। उन्हें पूरे देश ने राष्ट्रपिता की उपाधि से नवाजा है, क्योंकि उनका जीवन ही देशभक्ति, सादगी और आत्मविश्वास का जीवंत उदाहरण है।
गांधी जी ने हजारों मील की पैदल यात्राएँ कीं, लाठियों और कारावास के बावजूद नहीं डगमगाए। उनके नेतृत्व में चंपारण, खेड़ा, असहयोग आंदोलन और दांडी मार्च जैसी घटनाओं ने अंग्रेज शासन की नींव हिला दी थी। पर आजादी से पहले भी, आजादी के बाद भी, उनका संदेश अमर है – सच्चाई, प्रेम और अहिंसा से ही वास्तविक विजय मिलती है।
हर 2 अक्तूबर को उनकी जन्मतिथि को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मान्यता दी है। आज भी जब भी देश को
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।