यादव वंश का पहला संप्रभु शासक

भिल्लम (1175–1191 ईस्वी) दक्कन के यादव वंश के पहले स्वतंत्र शासक माने जाते हैं। इससे पहले यादव परिवार चालुक्य साम्राज्य के अधीन एक प्रमुख नौकरशाह और सामंत था, लेकिन भिल्लम ने इस परंपरा को तोड़ा। लगभग 1187 ईस्वी में उन्होंने चालुक्य शासक बल्लाल को पीछे हटने के लिए मजबूर किया और पूर्व चालुक्य राजधानी कल्याणी पर अधिकार कर लिया।

इस ऐतिहासिक विजय के बाद भिल्लम ने खुद को स्वतंत्र शासक घोषित कर दिया। वे केवल एक प्रदेश के शासक नहीं थे, बल्कि एक नए राजवंश के संस्थापक थे। इसी काल में उन्होंने देवगिरि नामक एक नगर की स्थापना की, जो बाद में यादव वंश की राजधानी बन गई।

भिल्लम का शासन काल यादव इतिहास में एक मोड़ लेकर आया। उन्होंने न केवल स्थानीय शक्तियों को हराया, बल्कि एक ऐसी विरासत छोड़ी जिसका विस्तार उनके उत्तराधिकारियों ने और किया। इस प्रकार, भिल्लम यादव राजवंश के संस्थापक के रूप में इतिहास में अमर हो गए।

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