टाटा ग्रुप की संपत्ति और रतन टाटा की सादगी
जब भी भारत के सबसे सफल और सम्मानित उद्योगपतियों की बात होती है, तो टाटा समूह (Tata Group) का नाम सबसे पहले आता है। टाटा ग्रुप का व्यावसायिक साम्राज्य बेहद विशाल है। नमक से लेकर सॉफ्टवेयर, एयरलाइंस और ऑटोमोबाइल तक, इसकी 100 से भी अधिक कंपनियां दुनिया के 150 से ज्यादा देशों में अपना कारोबार फैला चुकी हैं। पूरे टाटा समूह का कुल बाजार मूल्यांकन (Market Cap) लाखों करोड़ रुपये में है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा और शक्तिशाली बिजनेस घराना बनाता है।
हालांकि, इतने बड़े साम्राज्य के मार्गदर्शक रहे रतन टाटा की व्यक्तिगत संपत्ति को लेकर अक्सर लोगों में उत्सुकता रहती है। आंकड़ों के अनुसार, रतन टाटा की व्यक्तिगत निवल संपत्ति (Net Worth) लगभग 7,350 करोड़ रुपये आंकी गई है। पहली नज़र में यह रकम किसी को भी कम लग सकती है, खासकर जब टाटा ग्रुप की कुल कमाई और उसके आकार की तुलना की जाए। लेकिन इसके पीछे एक खास और प्रेरणादायक वजह है।
टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी 'टाटा संस' का लगभग 66% लाभ परोपकारी कार्यों और चैरिटेबल ट्रस्टों को दान कर दिया जाता है। रतन टाटा का मानना रहा है कि धन का सही उपयोग समाज की भलाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और देश के विकास के लिए होना चाहिए। यही कारण है कि दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में नाम न होने के बावजूद, रतन टाटा करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करते हैं। उनकी सादगी, दूरदर्शिता और देशप्रेम ही उन्हें एक सच्चा राष्ट्रनायक बनाता है।
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