भगवान विष्णु के तिलक का महत्व

भगवान विष्णु के तिलक का आकार आमतौर पर 'V' के समान होता है। इसे लाल और सफेद चंदन से बनाया जाता है, जो शांति, शुद्धता और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह तिलक मस्तक के बीच में लगाया जाता है, जहाँ आज्ञा चक्र (तीसरी आंख) स्थित होता है, और यहाँ भगवान विष्णु का निवास माना जाता है।

इस तिलक को दो चौड़ी खड़ी रेखाओं के रूप में बनाया जाता है, जो संकरी होते हुए भौंहों के बीच तक आती हैं। लाल चंदन शक्ति और उर्जा का प्रतीक है, जबकि सफेद चंदन शांति और त्याग को दर्शाता है। साथ में, ये दोनों भगवान विष्णु के संहारक और पालनहार रूप को संतुलित करते हैं।

वैष्णव संप्रदाय में इस तिलक को विशेष महत्व दिया जाता है। यह केवल एक धार्मिक चिह्न नहीं, बल्कि आध्यात्मिक समर्पण का प्रतीक भी है। मान्यता है कि इस तिलक लगाने से मन की एकाग्रता बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है।

इस प्रकार, भगवान विष्णु का तिलक न केवल एक धार्मिक पहचान है, बल्कि आस्था, शुद्धता और आध्यात्मिकता का सुंदर संगम भी है।

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