MRI से क्या पता चलता है?
MRI, यानी मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग, डॉक्टरों को शरीर के भीतरी हिस्सों की बेहद स्पष्ट तस्वीरें देने में मदद करता है। यह एक ऐसी तकनीक है जो चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों की मदद से काम करती है। एक्स-रे या सीटी स्कैन की तुलना में, MRI मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, नसों, मांसपेशियों, स्नायुबंधन (ligaments) और टेंडन (tendons) की बहुत स्पष्ट तस्वीरें देता है।
इसकी मदद से डॉक्टर ब्रेन में हुए घाव, स्पाइनल कॉर्ड की समस्याएं, घुटने या कंधे की चोट, या फिर किसी ट्यूमर का पता आसानी से लगा सकते हैं। खासकर उन बीमारियों में, जहां हड्डियां नहीं बल्कि मांसपेशियां या नर्व्स प्रभावित होते हैं, MRI बहुत उपयोगी होता है।
लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि हर कोई MRI नहीं करा सकता। अगर किसी के शरीर में मेटल का इंप्लांट है, जैसे पेसमेकर या कुछ धातु के प्रोस्थेटिक जोड़, तो चुंबकीय क्षेत्र उन्हें प्रभावित कर सकता है। ऐसे में डॉक्टर पहले सभी जांच के ब
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