रूस और भारत का व्यापारिक संबंध: आयात और निर्यात
भारत और रूस के बीच सदियों पुराने दोस्ताना और रणनीतिक संबंध रहे हैं। व्यापारिक दृष्टि से भी दोनों देश एक-दूसरे के महत्वपूर्ण साझेदार हैं। आंकड़ों की बात करें तो वित्त वर्ष 2022 के शुरुआती नौ महीनों में रूस भारत का 25वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा, जिसमें भारत ने रूस को लगभग 2.5 बिलियन डॉलर का निर्यात किया और वहां से 6.9 बिलियन डॉलर का आयात किया।
भारत रूस से अपनी कई ऊर्जा और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करता है। रूस से भारत आने वाले प्रमुख सामानों में कच्चा तेल (Crude Oil) सबसे आगे है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा, भारत रूस से भारी मात्रा में कोयला और कच्चे हीरे (Raw Diamonds) आयात करता है। हीरे की कटिंग और पॉलिशिंग उद्योग के लिए रूस के हीरों की भारत में बहुत मांग है। इनके साथ-साथ उर्वरक (Fertilizers) और रक्षा उपकरण भी दोनों देशों के व्यापार का मुख्य हिस्सा हैं।
दूसरी ओर, भारत भी रूस को कई महत्वपूर्ण वस्तुएं भेजता है। भारत के प्रमुख निर्यात में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां (Pharmaceuticals), चाय, कॉफी और जैविक रसायन (Organic Chemicals) शामिल हैं। भारतीय फार्मास्यूटिकल्स उद्योग की दवाइयां रूस में काफी लोकप्रिय हैं। समय के साथ दोनों देश अपने द्विपक्षीय व्यापार को और बढ़ाने के लिए लगातार नए रास्तों की तलाश कर रहे हैं।
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